They like to read my Life

Saturday, March 10, 2012

शायरी -2

1. खत लिखने का सोचा था कल रात उसको ....
कम्बख्त छुरी नही मिली
सोचा लहु से ना सही
, आसूओ से लिख दे
पैगाम ए प्यार
,
दिल तो खूब रोया
कम्बख्त आख दगा दे गई.


2. उसके इंतेजार मे रोज़ सवेरे चिडियो को दाना डालते थे.....
एक दिन शाम को किसी के साथ वो दिख गये हमे....
और तब से चिडिया हमारा इंतेजार कर रही हैं....


3. सुबह सुबह जब छाया ये झाला,
नज़र ना आई मुझे मधुशाला
,
जब पडी किरण सूरज की धरती पर....
तब दिखा मुझे मेरे हाथ का प्याला...

4. शब्दो को भी कब तक रोककर रखू
काफिलो मे निकलते हैं उसकी तारीफ मे
5. खफा किसी से होते  नही हैं,
क्योंकी हमे खुशी से इश्क हैं

6. मुस्कुराहाट मेरी इस ज़माने को दी हैं मैंने,
मुझे आंसुओ से लडना नही आता

(चिराग)

13 comments:

  1. Niceeeeeeeee...

    Loved the first one the most!! :) :)

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  2. Lovely writing Chirag...Loved the fourth one...

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  3. Nice shayri my friend. Adored the 2nd one. Keep writing!

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  4. Lovely shyri. Adored the 2nd one. Keep writing :-)

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  5. सभी क्षणिकाएँ बहुत सुंदर बन पड़ी हैं. दूसरी क्षणिका भा गई.

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  6. very nice...
    पहली सबसे बढ़िया...........

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  7. loved it- choori khoobsorat nahee tho kya padhne vaali jo ho khoobsoorath to baath ban jaaye
    gr8 poems loved them
    cheers
    sush

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