1. खत लिखने का सोचा था कल रात उसको ....
कम्बख्त छुरी नही मिली
सोचा लहु से ना सही, आसूओ से लिख दे
पैगाम ए प्यार,
दिल तो खूब रोया
कम्बख्त आख दगा दे गई.
कम्बख्त छुरी नही मिली
सोचा लहु से ना सही, आसूओ से लिख दे
पैगाम ए प्यार,
दिल तो खूब रोया
कम्बख्त आख दगा दे गई.
2. उसके इंतेजार मे रोज़ सवेरे चिडियो को दाना डालते
थे.....
एक दिन शाम को किसी के साथ वो दिख गये हमे....
और तब से चिडिया हमारा इंतेजार कर रही हैं....
एक दिन शाम को किसी के साथ वो दिख गये हमे....
और तब से चिडिया हमारा इंतेजार कर रही हैं....
3. सुबह सुबह जब छाया ये झाला,
नज़र ना आई मुझे मधुशाला,
जब पडी किरण सूरज की धरती पर....
तब दिखा मुझे मेरे हाथ का प्याला...
नज़र ना आई मुझे मधुशाला,
जब पडी किरण सूरज की धरती पर....
तब दिखा मुझे मेरे हाथ का प्याला...
4. शब्दो को भी कब तक रोककर रखू
काफिलो मे निकलते हैं उसकी तारीफ मे
काफिलो मे निकलते हैं उसकी तारीफ मे
5. खफा किसी से होते नही हैं,
क्योंकी हमे खुशी से इश्क हैं
क्योंकी हमे खुशी से इश्क हैं
6. मुस्कुराहाट मेरी इस
ज़माने को दी हैं मैंने,
मुझे आंसुओ से लडना नही आता
(चिराग)
मुझे आंसुओ से लडना नही आता
(चिराग)
Niceeeeeeeee...
ReplyDeleteLoved the first one the most!! :) :)
thanks a lot dear
DeleteLovely writing Chirag...Loved the fourth one...
ReplyDeletethanks a lot
DeleteNice shayri my friend. Adored the 2nd one. Keep writing!
ReplyDeletethanks a lot
Deleteshilpi
Lovely shyri. Adored the 2nd one. Keep writing :-)
ReplyDeletegreat lines !!!
ReplyDeletethanks a lot
Deleteसभी क्षणिकाएँ बहुत सुंदर बन पड़ी हैं. दूसरी क्षणिका भा गई.
ReplyDeletebahut bahut shukriya sir
Deletevery nice...
ReplyDeleteपहली सबसे बढ़िया...........
loved it- choori khoobsorat nahee tho kya padhne vaali jo ho khoobsoorath to baath ban jaaye
ReplyDeletegr8 poems loved them
cheers
sush